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अमेरिकी सीनेट ने प्रतिबंधों से हटाई रोक रूस से अब भारत खरीद पायेगा रक्षा हथियार।

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अमेरिका और भारत के रिश्तो पर अमेरिकी संसद ने एक और मोहर लगाई। पिछले कुछ महीने के बढ़ती खटास और प्लस टू डाइलोग होने के बाद जो भी रिश्तो में खटास दिख रही थी उसे अमेरिकी संसद द्वारा परास्त कर दिया गया है। 2016 में ओबामा प्रशासन ने भारत को एहम रक्षा साझेदारी का दर्जा दिया है।

2019 में CAATAS कानून के तहत भारत के खिलाफ रूस से खरीदे जाने वाले हथियार या सुरक्षा उपकरण पर लगने वाले प्रतिबन्ध की आशंका रोक दी जाएगी। अमेरिका के विरोधियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी की जाएगी और उन देशो के खिलाफ प्रतिबन्ध लगाया जायेगा जो रूस से सुरक्षा उपकरणों की खरीद फ़िरोख करते है।

Caatsa 2019

2019 वित् वर्ष के लिए अमेरिकी कांग्रेस ने बुधवार को जॉन एस मैककैन नेशनल डिफेंस ऑथॉरिज़ेशन एक्ट द्वारा 10 मतों के मुकाबले 87 मतों को पारित किया। पर अभी ये कानून लागू नहीं किया जा सकता पहले ये विधयेक डोनाल्ड ट्रम्प के पास भेजा जयेगा फिर जब वह इस पर हस्त्याक्षर कर देंगे तब यह कानून बन जयेगा।

हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिवस और सीनेट कॉन्फ्रेंस के दौरान यह कहा है की भारत और अमेरिका को अपनी एहम रक्षा साझेदारी मजबूत करनी चहिये। दोनों देशो को ऐसी साझेदारी करनी चहिये जिससे दोनों सेनाओ के बीच रणनीतिक समन्वय बढ़े। अमेरिका की सरकार को मनवये और आपदा राहत प्रतिक्रिया पर सयोग तथा समन्वय बेहतर करना फारसी की कड़ी और प्रशांत महासागर में भारत के साथ अतिरिक्त सयुक्त से अभ्यास एव सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहयोगात्मक प्रयास बढ़ाने का प्रावधान है।

कांग्रेस का मानना है की अमेरिका को जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिआ और अन्य सहयोगियों तथा साझेदारी के साथ मिल मुक्त और खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र बरक़रार रखने की दिशा में काम करना चाहिए। चीन को दुनिये के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय नौवहन रिम ऑफ़ दी पेसिफिक में भाग लेने से रोकना है और उसकी कंपनियों को रक्षा तथा सुरक्षा प्रतिष्ठाये एव दूरसचांर मुहैया कराने से रोकने का प्रावधान है।

सेनेटर शेरेड ब्राउन ने विधायक पारित होने बाद नविन ऊर्जा के वाहनों तथा अन्य क्षेत्रों में जहाँ अमेरिका ने अपने आप को वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित किया और उसमे चीन के इलावा कोई भी देश इतनी तेज़ी से आगे नहीं बढ़ रहा है।

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